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    14.04.2024 : महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह

    प्रकाशित तारीख: April 14, 2024

    महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह। मुंबई 14 अप्रैल 2024

    सुश्री मेघना गुलज़ार, लेखिका, निर्देशक और निर्माता

    श्री ओम प्रकाश गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, कौशल शिक्षा उद्यमिता एवं नवाचार विभाग

    श्री वेद मणि तिवारी, एमडी और सीईओ NSDC

    प्रो अपूर्वा पालकर, कुलपति, महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय

    विभिन्न देशों के काउंसल जनरल

    गवर्निंग काउंसिल, अकादमिक काउंसिल के सदस्य

    विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारीगण

    देवियों और सज्जनों

    आज भारत रत्न डॉ बाबासाहेब आंबेडकर जयंती है। सबसे पहले, मैं डॉ. आंबेडकर को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

    महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय (MSSU) के स्थापना दिवस समारोह के साथ जुडकर अत्यधिक प्रसन्नता हो रही है।

    महाराष्ट्र में राज्य के वित्त पोषित सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में, मैं राज्य के 27 सार्वजनिक विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति हूं।

    कौशल विश्वविद्यालय राज्य के सबसे युवा विश्वविद्यालयों में से एक है और इसलिए राज्य का तथा देश का ध्यान इस विश्वविद्यालय पर टिका हुआ है।

    भारत का इतिहास हमें बताता है कि जब तक भारत के लोग अपने-अपने व्यवसायों में अत्यधिक कुशल थे, हमारा देश दुनिया में एक महाशक्ति था। इसी संपदा को देखकर मुघल शासक आये, ब्रिटिश, डच, पुर्तगाली, फ्रांसीसी हमारे देश में आये।

    विदेशी शासन की लंबी अवधि के दौरान हमने बहुत कुछ कौशल खो दिए। हमारे कई कुशल श्रमिकों, कारागिरो और किसानों को जबरन मॉरीशस, गुयाना, सूरीनाम, वेस्ट इंडीज, फिजी और अन्य दूर देशों में ले जाया गया, जिसके परिणामस्वरूप हमारे देश की हानि हुई।

    भारत दुनिया में सबसे अच्छे जहाज और युद्धपोत बनाता था। कंपनी रूल में हमारे जहाज निर्माण उद्योग को नष्ट कर दिया।

    भारत में कपास, लिनन और रेशम का सर्वोत्तम उत्पादन होता था। एक छोटे से माचिस बॉक्स में भी समा जाये ऐसी सिल्क की साड़ियां हमारे देश में तैयार होती थी। लेकिन इंग्लैंड में मशीन से बने कपड़े की मुक्त आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए हमारा वस्त्रोद्योग क्षेत्र भी नष्ट कर दिया गया।

    हम गहनों, जेम स्टोन्स, मिट्टी के बर्तनों, चीनी मिट्टी के बरतन और पॉटरी के लिए जाने जाते थे।

    भारत देश धातु विज्ञान में अग्रणी था, जो लोहे, स्टील, चांदी और सोने के बेहतरीन कामों के लिए जाना जाता था।

    भारत को उस गौरव को पुनः प्राप्त करने के लिए, हमारी आबादी को कृषि, उद्योग, विनिर्माण और सेवाओं से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में उन्नत कौशल से लैस करने की आवश्यकता होगी।

    इस वर्ष हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू कर रहे हैं जो भारतीय मूल्यों, शिक्षा प्रणाली और सबसे महत्वपूर्ण, कौशल पर जोर देती है।

    महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय कौशल विकास और उद्यमिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    विश्वविद्यालय ने अपने प्रारंभिक चरण में प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, रिटेल, स्वास्थ्य देखभाल और आतिथ्य जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों में पाठ्यक्रम पेश किये है।

    मुझे ख़ुशी है कि विश्वविद्यालय ने 30 से अधिक समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर और निष्पादन किया है, जिससे यह अपने छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने वाले अनुकूलित उद्योग कार्यक्रम शुरू करने में वह सक्षम हो गया है।

    विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों को ज्ञान प्रदान करने उद्योग जगत के दिग्गजों को ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में विश्वविद्यालय के साथ जूडा हैं, जो वास्तव में सराहनीय है।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स भविष्य की नौकरियों के लिए आवश्यक कौशल को बदल रहा है।

    विभिन्न क्षेत्रों में श्रमिकों को एआई सिस्टम के साथ काम करने और प्रशिक्षित करने में सक्षम होने की आवश्यकता होगी।

    मुझे ख़ुशी है कि, कौशल विश्वविद्यालय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में 6,000 से अधिक उम्मीदवारों और रियल एस्टेट कौशल में 15,000 से अधिक उम्मीदवारों को प्रमाणित किया है।

    आज महिलाएं विभिन्न नौकरियों, उद्योगों, प्रबंधन और यहां तक कि प्रबंधन बोर्ड पदों पर भी अच्छी तरह से दायित्व निभा रही हैं।

    पहले से कई अधिक महिलाएँ आज आईएएस और आईपीएस अधिकारी बन रही हैं, सीए, कंपनी सेक्रेटरी, और निश्चित रूप से, कुलपति भी बन रही हैं! मैं महिलाओं के लिए विभिन्न कौशल पहल करने के लिए विश्वविद्यालय को बधाई देता हूं।

    साइबर सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषय बनकर उभरा है। साइबर अपराध अभूतपूर्व गति से बढ़ रहे हैं।

    मैं झारखंड का राज्यपाल था। झारखंड में जामताड़ा नाम की एक जगह है। जामताड़ा साइबर जालसाजों के लिए कुख्यात है। मैंने जामताड़ा का दौरा किया।

    जैसे-जैसे हम डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहे हैं, हमें अपने साइबर स्पेस की संप्रभुता की रक्षा के लिए साइबर योद्धाओं की आवश्यकता है।

    जानकर ख़ुशी हुई कि विश्वविद्यालय ने सरकारी कर्मचारियों, पुलिस अधिकारियों, बैंक कर्मचारियों और नियमित छात्रों के लिए उच्च-स्तरीय पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए एक साइबर सुरक्षा लैब की स्थापना की है।

    महाराष्ट्र में पर्यटन की जबरदस्त संभावनाएं हैं, जिसका दोहन होने की आवश्यकता है। समय आ गया है कि पर्यटन एवं आतिथ्य से संबंधित पाठ्यक्रम बनाये जाएं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमें फ्रेंच, जर्मनी, जापानी, स्पेनिश, पुर्तगाली आदि विश्व भाषाओं को पढ़ाने के लिए लघु अवधि के पाठ्यक्रम विकसित करने की आवश्यकता है।

    जर्मनी में सामाजिक कार्य, बच्चों की देखभाल, शिक्षा और बिक्री जैसे व्यवसायों में कुशल प्रोफेशनल्स की सबसे बड़ी कमी है।

    जापान के लिए, कौशल की सबसे बड़ी कमी रिपेअर्स, संचालन निगरानी और मेंटेनन्स तथा देखभाल जैसे तकनीकी कौशल में पाई गई हैं।

    जापानी विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर नर्सिंग, हाउस-कीपिंग, निर्माण उद्योग, जहाज निर्माण, ऑटोमोबाइल रिपेअर्स, विमानन, आवास निर्माण, कृषि, खाद्य सेवा उद्योग, फिशिंग आदि क्षेत्रों में कुशल श्रमिकों की आवश्यकता की घोषणा की है।

    इटली में, व्यवसाय सलाहकारों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, अंग्रेजी शिक्षकों और प्रोग्रामरों की कमी है।

    चीन के मानव संसाधन और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीन को 2025 तक विनिर्माण क्षेत्र में 3 करोड कुशल श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ेगा।

    मुझे लगता है कि हमें देश के साथ, अन्य देशों में कौशल की कमी पर भी नजर रखनी चाहिए और अपने छात्रों को उन विशिष्ट कौशलों से लैस करना चाहिए जो उन्हें इन देशों में नौकरियां पाने में सक्षम बनाएंगे।

    मुझे बेहद खुशी है कि महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय ने अगले पांच वर्षों के लिए अपना ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है।

    मैं विश्वविद्यालय से नीति दस्तावेज़ के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए एक योजना तैयार करने का आह्वान करूंगा।

    इन शब्दों के साथ, मैं कौशल विश्वविद्यालय को उसके पहले स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूं और आपके भविष्य के प्रयासों में सफलता की कामना करता हूं।

    जय हिन्द। जय महाराष्ट्र।।