10.07.2026: कौशल्य शिक्षण समाजातील अंतिम व्यक्तीपर्यंत न्यावे: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा
मुंबईत एक दिवसीय स्टार्टअप महोत्सव संपन्न
कौशल्य शिक्षण समाजातील अंतिम व्यक्तीपर्यंत न्यावे: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा
स्टार्टअप ही जनतेची चळवळ व्हावी: मंगलप्रभात लोढा
महाराष्ट्रात सर्वाधिक स्टार्टअप्स आहेत. मोठ्या प्रमाणावर युवक नवोन्मेषाची कास धरत आहेत. कौशल्य शिक्षण समाजातील ग्रामीण व आदिवासी भातातील अंतिम व्यक्तीपर्यंत पोहोचले पाहिजे. त्यांचेकडे असलेले पारंपरिक ज्ञान व कौशल्ये देखील उत्पादन व सेवांच्या माध्यमातून जनतेपर्यंत पोहोचले पाहिजे. या दृष्टीने कौशल्य विद्यापीठाने गरजू व्यक्तींपर्यंत पोहोचावे असे आवाहन राज्यपाल तथा विद्यापीठाचे कुलपती जिष्णु देव वर्मा यांनी आज येथे केले.
रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विद्यापीठ, महाराष्ट्र स्टेट इनोव्हेशन सोसायटी व विद्यापीठ प्रणित आय स्पार्क फाउंडेशन यांनी संयुक्तपणे आयोजित केलेल्या ‘स्टार्ट-अप फ्रंटियर १.०’ या एक दिवसाच्या स्टार्टअप महोत्सवाचे उदघाटन शुक्रवारी (दि. १० जुलै) राज्यपालांच्या प्रमुख उपस्थितीत यशवंतराव चव्हाण सभागृह मुंबई येथे संपन्न झाले, त्यावेळी ते बोलत होते.
ज्ञानाचा उपयोग धनसंपदा निर्मितीसाठी, आव्हानांचे रूपांतर संधींमध्ये आणि संकल्पनांचे रुपांतर उद्योगांमध्ये कसे करतात, यावरून एखाद्या देशाची आर्थिक प्रगती ठरते असे सांगून सिंगापूर, इस्रायल आणि स्वित्झर्लंड या देशांनी मर्यादित नैसर्गिक संसाधने असून देखील त्यांनी तंत्रज्ञान, नवोपक्रम आणि उद्योजकतेच्या बळावर उल्लेखनीय आर्थिक प्रगती केली असल्याचे राज्यपालांनी सांगितले.
आतापर्यंत विद्यापीठांच्या पदवीला महत्व होते. परंतु भविष्यात विद्यापीठांनी किती नवोन्मेषाला चालना दिली, किती बौद्धिक संपदा निर्माण केली व किती स्टार्टअप्सना पाठबळ दिले व त्या सर्वांचा समाजाला किती उपयोग होत आहे यावरून विद्यापीठाची पत ठरवली जाईल असे राज्यपालांनी सांगितले. कृत्रिम प्रज्ञा व तंत्रज्ञानाला नैतिकतेची जोड हवी असे राज्यपालांनी सांगितले.
स्टार्टअप शहरांपुरते मर्यादित न राहता जनआंदोलन व्हावे: कौशल्य विकास मंत्री
भारतात पूर्वी सोन्याचा धूर निघत होता ही केवळ आख्यायिका नाही. प्रत्येक कुटुंबातील व्यक्ती काही ना काही कौशल्याधारित उद्योग करीत होते. त्यामुळे जगाच्या सकल उत्पन्नामध्ये भारताचा वाटा मोठा होता असे सांगून स्टार्टअपमधून देश पुन्हा संपन्न होऊ शकतो. त्याकरिता स्टार्टअप केवळ काहींचा उपक्रम न राहता ती जनतेची चळवळ व्हावी, अशी भावना कौशल्य विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढा यांनी यावेळी बोलताना व्यक्त केली. केवळ मुंबई, पुणे, नागपूर, छत्रपती संभाजीनगर या मोठ्या शहरांमधून स्टार्टअप निर्माण न होता जिल्ह्या जिल्ह्यातून ते निर्माण व्हावे, असे त्यानीं सांगितले.
यावेळी ह्युलेट पॅकार्ड (एचपी) कंपनीच्या उपाध्यक्षा इप्सिता दासगुप्ता यांनी आपली कंपनी ‘इस्पोर्ट मॅनेजमेंट अँड गेमिंग टेक्नॉलॉजी अकादमी’ (गेमिंग गराज)च्या माध्यमातून विद्यार्थ्यांना ऍनिमेशन, गेमिंग, व्हिजुअल इफेक्ट, सायबर टेक्नॉलॉजी प्रशिक्षण देणार असल्याचे सांगितले.
राज्यातील ६० महाविद्यालयांमध्ये इन्क्युबेशन सेंटर सुरु केले असल्याचे अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा यांनी सांगितले. कौशल्य विद्यापीठाच्या माध्यमातून सुरु करण्यात आलेल्या आय स्पार्क फाउंडेशन या कंपनीने २५ स्टार्टअप्सना सहाय्य केले असल्याचे कुलगुरु डॉ अपूर्वा पालकर यांनी सांगितले. या कार्यक्रमात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांचा शुभसंदेश वाचून दाखवण्यात आला.
राज्यपालांनी ‘एचपी क्रिएटिव्ह गेमिंग गराज’ तसेच मेट्रोपोलीस कंपनीनें विद्यार्थ्यांसाठी सुरु केलेल्या ‘मेडिकल लॅब टेक्नॉलॉजी’ या नाविन्यपूर्ण ऑनलाईन प्लॅटफॉर्मचे उदघाटन केले. राज्यपालांच्या उपस्थितीत आयआयटी मद्रास प्रवर्तक व रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विद्यापीठांमध्ये झालेल्या सहकार्य कराराचे आदान-प्रदान करण्यात आले. यावेळी राज्यपालांनी स्टार्टअप प्रदर्शनाला भेट दिली तसेच युवा उद्योजकांशी संवाद साधला.
कार्यक्रमाला कौशल्य विभागाच्या अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, कौशल्य विकास आयुक्त अमित सैनी, एचपी कंपनीच्या उपाध्यक्ष इप्सिता दासगुप्ता, राज्यपालांचे सचिव डॉ प्रशांत नारनवरे व महाराष्ट्र स्टेट इनोव्हेशन सोसायटीचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ श्रीकांत पाटील व विद्यापीठाचे कुलसचिव डॉ वैभव नरवडे तसेच विविध महाविद्यालयांचे प्राचार्य, शिक्षक, उद्योजक व विद्यार्थी उपस्थित होते.
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मुंबई में एक दिवसीय स्टार्टअप महोत्सव संपन्न
कौशल शिक्षा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा
स्टार्टअप जन-आंदोलन बनें: मंगलप्रभात लोढ़ा
महाराष्ट्र में देश के सर्वाधिक स्टार्टअप हैं और बड़ी संख्या में युवा नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कौशल शिक्षा समाज के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। उनके पास मौजूद पारंपरिक ज्ञान और कौशल भी उत्पादों एवं सेवाओं के माध्यम से आम जनता तक पहुंचने चाहिए। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कौशल विश्वविद्यालय को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना होगा। यह आह्वान महाराष्ट्र के राज्यपाल तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जिष्णु देव वर्मा ने आज मुंबई में किया।
रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसायटी तथा विश्वविद्यालय की आई-स्पार्क फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक दिवसीय स्टार्टअप महोत्सव ‘स्टार्ट-अप फ्रंटियर 1.0’ का उद्घाटन शुक्रवार (10 जुलाई) को मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सभागार में राज्यपाल की प्रमुख उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर वे संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति इस बात पर निर्भर करती है कि वह ज्ञान को समाधान में, चुनौतियों को अवसरों में और विचारों को उद्यमों में किस प्रकार परिवर्तित करता है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर, इज़राइल और स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों के पास प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं, फिर भी उन्होंने प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता के बल पर उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति हासिल की है।
उन्होंने कहा कि अब तक विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन उनकी डिग्रियों के आधार पर होता था, लेकिन भविष्य में यह देखा जाएगा कि उन्होंने कितने नवाचारों को बढ़ावा दिया, कितनी बौद्धिक संपदा का सृजन किया, कितने स्टार्टअप्स को सहयोग दिया और उनका समाज पर कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ा। राज्यपाल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और प्रौद्योगिकी के साथ नैतिक मूल्यों को जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
स्टार्टअप केवल शहरों तक सीमित न रहें, जन-आंदोलन बनें: कौशल विकास मंत्री
कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि भारत के समृद्ध होने की बात केवल एक किंवदंती नहीं है। पहले लगभग हर परिवार किसी न किसी कौशल-आधारित व्यवसाय से जुड़ा हुआ था, जिसके कारण विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी थी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्टार्टअप संस्कृति के माध्यम से भारत फिर से समृद्ध राष्ट्र बन सकता है। इसके लिए स्टार्टअप केवल कुछ लोगों का उपक्रम न रहकर जन-आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप केवल मुंबई, पुणे, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे बड़े शहरों तक सीमित न रहकर राज्य के प्रत्येक जिले में विकसित होने चाहिए।
इस अवसर पर ह्यूलेट पैकार्ड (एचपी) की उपाध्यक्ष इप्सिता दासगुप्ता ने बताया कि उनकी कंपनी ‘ई-स्पोर्ट मैनेजमेंट एंड गेमिंग टेक्नोलॉजी अकादमी (गेमिंग गैरेज)’ के माध्यम से विद्यार्थियों को एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और साइबर टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा ने बताया कि राज्य के 60 महाविद्यालयों में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर ने बताया कि विश्वविद्यालय की आई-स्पार्क फाउंडेशन ने अब तक 25 स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान किया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का शुभकामना संदेश भी पढ़कर सुनाया गया।
राज्यपाल ने ‘एचपी क्रिएटिव गेमिंग गैरेज’ तथा मेट्रोपोलिस कंपनी द्वारा विद्यार्थियों के लिए विकसित ‘मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी’ नामक अभिनव ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उद्घाटन किया। उनकी उपस्थिति में आईआईटी मद्रास प्रवर्तक और रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय के बीच सहयोग समझौते (एमओयू) का आदान-प्रदान भी किया गया। राज्यपाल ने स्टार्टअप प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा युवा उद्यमियों से संवाद भी किया।
कार्यक्रम में कौशल विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, कौशल विकास आयुक्त अमित सैनी, एचपी की उपाध्यक्ष इप्सिता दासगुप्ता, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाटिल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वैभव नरवड़े सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, उद्यमी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।