04.08.2026: उत्तर पूर्व राज्यातील गरजू होतकरू विद्यार्थ्यांना त्यांनी शिक्षण प्रवाहात आणले: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा यांची डॉ. डी. वाय. पाटील यांना श्रद्धांजली
उत्तर पूर्व राज्यातील गरजू होतकरू विद्यार्थ्यांना त्यांनी शिक्षण प्रवाहात आणले: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा यांची डॉ. डी. वाय. पाटील यांना श्रद्धांजली
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा यांनी त्रिपुराचे माजी राज्यपाल शिक्षण महर्षी डॉ. डी. वाय. पाटील यांच्या निधनाबद्दल दुःख व्यक्त केले आहे.
डॉ. डी. वाय. पाटील हे त्रिपुराचे राज्यपाल असताना त्यांचेशी घनिष्ट परिचय झाला. त्रिपुरा तसेच बिहार येथे राज्यपाल पदावर कार्य करीत असताना आपले विनम्र आचरण व सौजन्यशील स्वभावामुळे त्यांनी राज्यपाल पदाची प्रतिष्ठा वाढवली. डॉ डी वाय पाटील हे द्रष्टे शिक्षण तज्ज्ञ होते. उत्तर – पूर्व राज्यातील अनेक गरजू व होतकरू विद्यार्थ्यांना त्यांनी शिक्षण प्रवाहात आणले. डॉ पाटील यांनी महाराष्ट्रासह देशाच्या अनेक भागात उच्च व व्यावसायिक शिक्षणाच्या गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्था उभारल्या. गेल्या तीन दशकांमध्ये या संस्थांनी लाखो विद्यार्थी घडवले असून आज ते विविध क्षेत्रात योगदान देत आहेत. समाजकारण, राजकारण व शिक्षण क्षेत्रातील त्यांचे कार्य भावी पिढ्यांना मार्गदर्शक राहील. त्यांच्या स्मृतींना भावपूर्ण श्रद्धांजली अर्पण करतो व त्यांच्या कुटुंबियांना आपल्या शोक संवेदना कळवतो, असे राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा यांनी आपल्या संदेशात म्हटले आहे.
**
उत्तर-पूर्व के जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा द्वारा डॉ. डी. वाय. पाटिल को श्रद्धांजलि
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल एवं शिक्षण महर्षि डॉ. डी. वाय. पाटिल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. डी. वाय. पाटिल जब त्रिपुरा के राज्यपाल थे, तब उनसे उनका घनिष्ठ परिचय हुआ। त्रिपुरा तथा बिहार के राज्यपाल के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने अपने विनम्र व्यवहार और सौम्य स्वभाव से राज्यपाल पद की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि डॉ. डी. वाय. पाटिल दूरदर्शी शिक्षाविद् थे। उन्होंने उत्तर-पूर्व के अनेक जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा। डॉ. पाटिल ने महाराष्ट्र सहित देश के अनेक हिस्सों में उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना की। पिछले तीन दशकों में इन संस्थानों ने लाखों विद्यार्थियों को शिक्षित किया है, जो आज विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि समाजसेवा, राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. डी. वाय. पाटिल का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत एवं मार्गदर्शक बना रहेगा। उन्होंने दिवंगत डॉ. डी. वाय. पाटिल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।