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    30.05.2026: “विकसित राष्ट्र बनवण्यासाठी संवेदनशील राष्ट्र बनवावे लागेल”: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा

    प्रकाशित तारीख : May 31, 2026
    Governor presides over the Summit, jointly organized by Hetu Charitable Trust and the District Legal Services Authority in Mumbai

    हेतू चॅरिटेबल ट्रस्टच्या वतीने दिव्यांगांना स्मार्ट चष्मे, व्हीलचेअर, शिलाई मशीन व लॅपटॉप वाटप

    “विकसित राष्ट्र बनवण्यासाठी संवेदनशील राष्ट्र बनवावे लागेल”: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा

    तंत्रज्ञानाला सहानुभूती व संवेदनशीलतेची जोड हवी

    विकसित भारत म्हणजे आर्थिक दृष्ट्या संपन्न भारत घडवणे इतकेच अभिप्रेत नाही. तर विकसित भारत घडवण्यासाठी दिव्यांग लोकांना देखील विकास कार्यात समान भागीदार बनवावे लागेल. विकसित राष्ट्र घडविण्यासाठी संवेदनशील राष्ट्र बनवावे लागेल, असे प्रतिपादन राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा यांनी आज येथे केले.

    हेतू चॅरिटेबल ट्रस्ट व डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेस ऑथॉरिटी यांच्या संयुक्त विद्यमाने आयोजित दिव्यांग सक्षमीकरण परिषदेचे उद्घाटन राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा यांच्या प्रमुख उपस्थितीत मालाड मुंबई येथे संपन्न झाले, त्यावेळी ते बोलत होते.

    या कार्यक्रमात राज्यपालांच्या हस्ते दिव्यांग महिलांना शिलाई मशीन, दृष्टिहीन व्यक्तींना एआय – स्मार्ट चष्मे, व्हिलचेयर व दिव्यांग स्नातक युवकांना लॅपटॉप वितरित करण्यात आले.

    शासन व सामाजिक संस्था एकत्र येऊन कार्य करतात तेंव्हा दिव्यांग सक्षमीकरणाचे कार्य यशस्वी होते असे सांगून राज्यपालांनी हेतू चॅरिटेबल ट्रस्टच्या कार्याचे कौतुक केले.

    या कार्यक्रमात १०० दिव्यांग व्यक्तींना व्हीलचेअर, ५० महिलांना शिलाई मशीन, १०० दृष्टिहीन व्यक्तींना एआय स्मार्ट चष्मे व ३ दिव्यांग युवकांना लॅपटॉप देण्यात आले.

    कार्यक्रमाला कौशल्य विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढा, मुंबई उच्च न्यायालयाचे न्यायमूर्ती न्या. श्याम चांडक व न्या. मकरंद कर्णिक, न्या. ( सेवानिवृत्त) के के तातेड, हेतु चॅरिटेबल ट्रस्टचे सचिव रिखबचंद जैन, उद्योजक प्रवीण कोठारी, देवेंद्र जैन, नरेंद्र राठी, जिल्हा विधी सेवा प्राधिकरणाचे सचिव पी.जी. तापडिया आदी उपस्थित होते.

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    हेतू चॅरिटेबल ट्रस्ट द्वारा दिव्यांग सशक्तीकरण अभियान
    “विकसित राष्ट्र बनने के लिए संवेदनशील राष्ट्र बनना आवश्यक है” : राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा
    प्रौद्योगिकी को सहानुभूति और संवेदनशीलता से जोड़ना होगा

    महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल आर्थिक रूप से समृद्ध राष्ट्र का निर्माण नहीं है, बल्कि ऐसा भारत बनाना है जिसमें दिव्यांगजन भी विकास यात्रा के समान भागीदार हों। उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र बनने के लिए पहले संवेदनशील राष्ट्र बनना आवश्यक है।

    राज्यपाल आज मुंबई के मालाड में हेतु चैरिटेबल ट्रस्ट तथा जिला विधीक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दिव्यांग सशक्तिकरण परिषद के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

    इस अवसर पर राज्यपाल के हाथों दिव्यांग महिलाओं को सिलाई मशीनें, दृष्टिबाधित व्यक्तियों को एआई-सक्षम स्मार्ट चश्मे, व्हीलचेयर तथा दिव्यांग स्नातक युवाओं को लैपटॉप वितरित किए गए।

    राज्यपाल ने कहा कि जब शासन और सामाजिक संस्थाएं मिलकर कार्य करती हैं, तब दिव्यांग सशक्तिकरण के प्रयास अधिक प्रभावी और सफल बनते हैं। उन्होंने हेतु चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के वंचित और विशेष आवश्यकता वाले वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है।

    उन्होंने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक मानव जीवन को नई दिशा दे रही हैं, लेकिन प्रौद्योगिकी को सहानुभूति, करुणा और संवेदनशीलता के साथ जोड़ना उतना ही आवश्यक है। तकनीक तभी सार्थक होगी जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और वह मानव जीवन को अधिक सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहायक बने।

    कार्यक्रम के दौरान 100 दिव्यांग व्यक्तियों को व्हीलचेयर, 50 महिलाओं को सिलाई मशीनें, 100 दृष्टिबाधित व्यक्तियों को एआई स्मार्ट चश्मे तथा 3 दिव्यांग युवाओं को लैपटॉप प्रदान किए गए।

    इस अवसर पर महाराष्ट्र के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढा, न्यायमूर्ती श्याम चांडक, न्या, मकरंद कर्णिक, न्या (नि.) के के तातेड, हेतु चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव रिहॅबचंद जैन (चौधरी), उद्योगपति प्रवीण कोठारी, देवेंद्र जैन,नरेंद्र राठी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पी जी तापडिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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    Governor gives away sewing machines, laptops, AI Smart Glasses to Divyang Persons

    Maharashtra Governor Jishnu Dev Varma presided over the Summit, jointly organized by Hetu Charitable Trust and the District Legal Services Authority at Malad, Mumbai.

    The Governor distributed sewing machines to 50 divyang women, AI-powered smart glasses to 100 visually impaired persons, wheelchairs (50), and laptops to 3 beneficiaries as part of efforts to promote empowerment and self-reliance among Divyang citizens.

    Minister of Skill Development Mangal Prabhat Lodha, Justice Shyam Chandak and Justice Makarand Karnik, judges of the Bombay High Court, Justice (retd.) K. K. Tated, Chairman, Committee to Monitor Animal Welfare Laws, Secretary of Hetu Charitable Trust Rikhab Chand Jain, industrialists and donors Praveen Kothari, Devendra Jain, Narendra Rathi, and P. G. Tapadia, were present.

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