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    06.11.2023 : ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत महाराष्ट्र राजभवन द्वारा आयोजित आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश ‘राज्य स्थापना दिवस’ समारोह

    प्रकाशित तारीख: November 1, 2023

    ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत महाराष्ट्र राजभवन द्वारा आयोजित आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश ‘राज्य स्थापना दिवस’ समारोह। राजभवन, मुंबई। 1 नवंबर 2023। शाम 6.30 बजे

    मंच पर उपस्थित विशिष्ट अधिकारी गण,

    आमंत्रित भाईयों और बहनों,

    सबसे पहले मैं आप सभी का महाराष्ट्र राजभवन में हार्दिक स्वागत करता हूं।

    यह पहली बार है कि, हम महाराष्ट्र राजभवन में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस मना रहे हैं।

    आज हमारे सभी कलाकारों द्वारा तीनो राज्यों की अद्भुत विरासत पर एक सुंदर प्रस्तुति देने के लिए, आप सब की ओर से, मै उनका हार्दिक अभिनंदन करता हूं।

    साथ ही नृत्य निर्देशक और कोरियोग्राफर को भी मै अपनी ओर से विशेष बधाई देता हूं।

    दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपूर और तेलुगु कला समिति, जिनके माध्यम से ये सभी कलाकार हमारे सामने आये, उन्हे मै विशेष रूप से धन्यवाद देता हूं।

    आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के राज्य स्थापना दिवस के इस शुभ अवसर पर, हमारे निमंत्रण का स्वीकार करके राजभवन में उपस्थित रहने के लिये मै आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

    आज सुबह हमने हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु का राज्य गठन दिवस; तथा अंडमान और निकोबार, चंडीगढ़, दिल्ली, लक्षद्वीप और पुडुचेरी का केंद्र शासित प्रदेश गठन दिवस भी हर्षोल्लास के साथ मनाया।

    यह मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात थी वर्ष 2000 में, प्रधान मंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को एक अलग राज्य के रूप में बनाने की घोषणा की और 1 नवंबर 2000 को राज्य का जन्म हुआ। उस समय मैं अटल जी के मंत्रिमंडल में केंद्रीय राज्य मंत्री था।

    शुरु से ही मै स्वयं पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का प्रबल समर्थक रहा हुं। इसलिए यह दिन मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिवस है।

    इतने साल यह दिन छत्तीसगढ़ में मनाने के बाद, आज यह दिन महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में मनाना मेरे लिये गर्व की बात है।

    छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल था। वह कौशल राज्य के नाम से प्रख्यात था । त्रेता युग के हजारों साल बाद और वर्तमान से लगभग 300 साल पहले गोंड जनजाति के शासनकाल के दौरान इस राज्य का नाम छत्तीसगढ़ पड़ा।

    छत्तीसगढ़ मंदिरों और झरनों के साथ-साथ अपनी आदिवासी संस्कृति और परंपरा के लिए जाना जाता है। हाल ही में हमारे बैस परिवार ने कौशल्या रानी मंदिर का चांदखुरी में पुनर्निर्माण किया है।

    मै पहली बार विधायक बना तब छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश का हिस्सा था।

    पिछले 23 वर्षों में छत्तीसगढ़ में कल्पना से परे परिवर्तन हुआ है, जिसका श्रेय प्रदेश की जनता को जाता है।

    मध्य प्रदेश अपनी पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। यहां बौद्ध स्तूप से लेकर इतिहास के गवाह किले आज भी मौजूद हैं, यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में देशभर से टूरिस्ट मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक विरासतों को देखने के लिए पहुंचते हैं।

    आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के बारे में क्या कहना है। आंध्र प्रदेश अपने त्योहार, नृत्य संगीत, कला, वस्त्रोद्योग और हस्तकला, वास्तुकला की मानो राजधानी है। यह भगवान तिरुपती बालाजी का पवित्र स्थान है।

    आज, हम इन राज्यों की विविध संस्कृतियों, भाषाओं, इतिहास और विरासत का उत्सव मना रहे हैं।

    माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा परिकल्पित ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल, एकजुट और सामंजस्य पूर्ण राष्ट्र के लिए हमारी सामूहिक आकांक्षा के प्रमाण के रूप में कार्य करती है।

    यह सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करने का भी अवसर है जिन्होंने हमें ‘एक भारत’ दिया।

    ‘एक भारत’ को ‘श्रेष्ठ भारत’ बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

    सदियों से हम भारतवासी एक साथ रहने के बावजूद, हम एक-दूसरे को पर्याप्त रूप से नहीं जानते हैं।

    इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हम एक-दूसरे से सीखें, अपने मतभेदों का भी सम्मान करें और एक उज्जवल भविष्य की दिशा में मिलकर काम करें।

    आज तीनो राज्य उद्योग, कृषि, पर्यटन, विज्ञान और तंत्र ज्ञान की माध्यम से देश की प्रगति में अपना अनुपम योगदान दे रहे है।

    दुनिया अपने इतिहास के एक नाजुक दौर से गुजर रही है। राष्ट्र संसाधनों के लिए लड़ रहे हैं। दुनिया के कुछ हिस्सों में हजारों लोग मारे जा रहे हैं और अपाहिज हो रहे हैं। भगवान महावीर और बुद्ध तथा महात्मा गांधी के राष्ट्र के रूप में, भारत में दुनिया को शांति और प्रगति के मार्ग पर ले जाने की शक्ति और क्षमता है।

    ऐसा होने के लिए, हम सबको अपने मतभेद भुलाकर एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहना होगा।

    आज के राज्य स्थापना के इस दिन हम एक अच्छे भारतीय बनने का संकल्प करते है।

    आप सभी का पुनः राजभवन में स्वागत करता हूं और हमारे निमंत्रण को स्वीकार करने के लिये धन्यवाद देता हूं।

    धन्यवाद।
    जय हिंद। जय महाराष्ट्र।।