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    Address at the programme for distribution of Dali Land Pattas to Tribals at Karjat, Dist Raigad

    Publish Date: March 17, 2016

    Address by Shri CH Vidyasagar Rao, Governor of Maharashtra at the programme for distribution of Dali Land Pattas to Tribals at Karjat, Dist Raigad on Thursday, 17 March 2016

    Divisional Commissioner, Konkan, District Collector Raigad, CEO of Zilla Parishad, representatives of various social organizations और मेरे प्यारे भाईयो और बहेनो,

    आज यहां आकर तथा आप सबसे, खासकर आदिवासी भाईयो और बहेनोसे मिलकर बहोत खुशी हुई.

    आजका यह दिन आप सबके लिये खुशी का दिन है. आपके हक की दली जमीन आप को सौंपते हुवे मुझे प्रसन्नता हो रही है.

    स्वतंत्रता के पहेले से आप के पूर्वजो ने इस जमीन पर खेती की है, अनाज उगाया है, पेड लगाये है. लेकीन आपकी जमीन आपको मिलने के लिये इतने साल लडना पडा, यह दुख की बात है. बडे संघर्ष के बाद यह जमीन मिली है, यह आपकी जीत है ऐसा मै मानता हूं.

    मै आप सबको इस दिवस पर हार्दिक बधाई देता हू तथा शुभ कामनाए देता हूं.

    मुझे बताया गया है की आज इस ऐतिहासिक निर्णय की वजह से सात हजार आदिवासी भाईयोंको लगभग नौ हजार हेक्टर जमीन दियी गयी है.

    यह एक बडी उपलब्धी है. सरकार तथा प्रशासन जब जनता के प्रती संवेदनशील होती है, और लोगोंके साथ काम करती है तब यह संभव होता है.

    आज मै उन सब गैर शासकीय सामाजिक संस्थाओंका धन्यवाद करूंगा जिन्होने कई वर्ष इस विषय पर सरकार के दरबार मे लगातार आवाज उठाई.

    आप सबकी मदद तथा सहकार्य की वजह से आदिवासी समाज इस विषय पर इकठ्ठा हुवा है, इसमे कोई संदेह नही.

    मै आज जिला प्रशासन और खासकर जिलाधिकारी का अभिनंदन करना चाहुंगा. उन्होने जिस निष्ठा से यह कार्य पूरा किया है उसके लिये वे हमारे धन्यवाद के पात्र है.

    आप सबके प्रयासोंकी वजह से दली भूमी हस्तांतरण का कार्य समय सीमा के अंदर पुरा हो पाया है.

    बरसों पहेले, दली जमीन आदिवासीयोंको दियी गयी. उसके कुछ ऐतिहासिक कारण थे. उस कारणो की मीमांसा करना आज प्रासंगिक नही होगा.

    लेकीन, मेरा प्रशासन से आग्रह होगा की अभी दली जमीन आदिवासीयोंको सौपी गयी है तब, जमीन की गुणवत्ता सुधार के लिये, उसकी उपज बढाने के लिये हर प्रयास करना जरूरी है.

    इस जमीन के माध्यम से मै सभी आदिवासी भाईयो और बहेनोको आत्म-निर्भर तथा सधन देखना चाहता हूं.

    भाईयो और बहेनो,

    आदिवासी विकास इस विषय मे मै बरसोंसे कार्य करता आया हूं. तीस साल पहेले जब मै विधायक था, तभी से मै आदिवासीयोंके अधिकारों के लिये लडता रहा हूं.

    महाराष्ट्र का राज्यपाल होने के पश्चात, अनुसूचीत क्षेत्रोके प्रशासन पर ध्यान देने की संवैधानिक जिम्मेदारी मुझे सौपी गयी.

    मुझे खुशी है की पिछले डेढ साल मे मैने जनजाती विकास तथा उनके सक्षमीकरण के संबंध मे कई निर्णय लिये है. मुझे बताने मे गर्व होता है की राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने हमारे प्रयासोंकी सराहना की है.

    पिछले डेढ सालमे मै राज्य के कई दूर-दराज वाले आदिवासी क्षेत्रो मे जाकर आया, लोगोसे मिला उनकी समस्या समझी. मै गडचिरोली मे सिरोंचा गया, नंदुरबार मे गया, किनवट मे जाकर आया.

    आपका यह क्षेत्र अनुसूचीत इलाखे मे नही आता. लेकीन ज्यादातर जनजाती तथा वनवासी लोग राज्य के अनुसूचीत क्षेत्रोमे रहेते है. उनके आर्थिक उत्थान के लिये हमने कुछ कानून बदलवाये. आज आदिवासीयोंको बांबू, शहद, तेंदूपत्ता जैसे गौण वन्य उपजो पर अधिकार प्राप्त हुवा है.

    अनुसूचीत क्षेत्रो मे बसे ग्राम पंचायतोंको आदिवासी उपयोजना के कुल निधी से पांच प्रतिशत रकम सीधी देने का महत्वपूर्ण प्रावधान हमने किया है.

    आज मै आपको आश्वस्त करना चाहुंगा की आपके इस प्रदेश जैसे गैर – अनुसूचीत क्षेत्रोंमे बसे गावोंके विकास के लिये भी मै उसी निष्ठा तथा लगन के साथ काम करूंगा.

    आज मै आप सबको बताने आया हूं की राजभवन के दरवाजे आपके लिये सदा खुले रहेंगे.

    जब भी आपको कोई समस्या आती है, आप मेरे सामने ले आये. मेरा कार्यालय हर संभव आपकी समस्या हल करने का गंभीरता पूर्वक प्रयास करेगा.

    राज्यके कातकरी, माडीया गोंड तथा कोलम जैसे अति पिछडे आदीम वर्गो के विकास के संबंध मे मै चिंतीत हूं.

    कातकरी समाज के विकास के लिये निश्चित कदम उठाने के लिये मैने सरकार को कहा है.

    कातकरी लोगोंके गावठाण जमीन का प्रश्न लंबे समय से सुलझा नही है.

    इस संदर्भ मे बॉम्बे टेनंसी अॅक्ट के तहत कातकरी लोगोंकी गावठाण जमीन जल्द से जल्द नियमित करने की सूचना मैने राजस्व विभाग तथा कलेक्टर को की है.

    ​वन अधिकार कानून 2006 की तहत आदिम जमातीयोंको अधिवास के अधिकार प्रदान किये गये है. इसमे सांस्कृतिक, धार्मिक तथा संसाधनोके अधिकारों का समावेश है. कातकरी समाज को अधिवासी अधिकार देने के विषय मे तथा गावठाण जमीन के विषय मे तुरंत कदम उठाने के लिये मैने जिलाधिकारी को सूचित किया है.

    मुझे ज्ञात है की कातकरी समाज मे स्थलांतर, भूमिहीनता तथा बेरोजगारी की समस्या गंभीर है.

    इन समस्याओंके निवारण के लिये शासन हर संभव प्रयास करेगी ऐसा मै आश्वासन देता हूं.

    आज इस खुशी के दिन मै आपके बीच उपस्थित हूं इसका मुझे आनंद हो रहा है.

    आप सबका मै हार्दिक अभिनंदन करता हू तथा आप सभी को शुभ कामनाए देता हूं. फिर मुलाकत होगी.

    धन्यवाद

    जय हिंद जय महाराष्ट्र