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    30.04.2023 : ‘मन की बात’ के 100 वें प्रसारण के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल का संबोधन

    Publish Date: April 30, 2023

    ‘मन की बात’ के 100 वें प्रसारण के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल का संबोधन

    पद्मश्री अवार्ड विजेता पोपटराव पवार जी,

    डॉ. शशांक जोशी जी,

    मिलिंद काम्बले जी, व अन्य सभी पद्मश्री पुरस्कृत डाक्टर्स

    श्रीमती शर्मिला ओस्वाल,

    ‘मन की बात में प्रधानमंत्री द्वारा उल्लेखित प्रतिभाशाली युवा, देवियों और सज्जनों

    फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने कलाकार

    गणमान्य अतिथी

    अधिकारी गण

    भाईयों और बहनों,

    राजभवन में मन की बात कार्यक्रम के 100 वें एपिसोड के प्रसारण के अवसर पर आप के साथ उपस्थित होकर अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है।

    आज हम एक उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं। आकाशवाणी के सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम के रूप में प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का आज 100वां संस्करण पूरा हो गया है।

    पहली बार इस कार्यक्रम का प्रसारण 3 अक्टूबर 2014 को विजयदशमी के शुभ अवसर पर किया गया था। तब से अब तक यह एक लंबी यात्रा रही है। बीते इन वर्षों के दौरान, मन की बात कार्यक्रम देश के कोने-कोने में फैल चुका है।

    यह स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ, जल संरक्षण, वोकल फॉर लोकल आदि जैसे सामाजिक परिवर्तनों की उत्पत्ति, साधन और विस्तारक रहा है।

    इस कार्यक्रम ने खादी, भारतीय खिलौना उद्योग, स्वास्थ्य क्षेत्र में स्टार्टअप, आयुष और अंतरिक्ष आदि जैसे उद्योगों पर जबरदस्त प्रभाव दिखाया है।

    ‘मन की बात’ ने प्रस्तुति की अपनी अभिनव और अनूठी संवादात्मक शैली के साथ वास्तव में संचार के एक अद्वितीय मिसाल के रूप में स्वयं के लिए एक जगह बनाई है।

    कोविड-19 महामारी के चरम के दौरान, प्रधान मंत्री जी समाज के सभी वर्गों से जुड़े रहे।

    अपने ‘परीक्षा पे चर्चा’ और एग्झाम वारियर्स के माध्यम से, वह छात्रों और युवाओं से जुड़ते रहे ।

    ‘मन की बात’ करते उन्होंने देश के किसी सुदूर कोने में हो रहे हर सामाजिक परिवर्तन पर ध्यान दिया है।

    ‘मन की बात’ के पहले ही एपिसोड में प्रधानमंत्री ने रेडियो को संचार का एक सरल माध्यम बताया था, जिससे वह दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच सकते हैं।

    उन्होंने गरीब से गरीब परिवार तक अपनी बात पहुंचाने की मंशा भी स्पष्ट कर दी थी। उनका मानना था कि देश की ताकत गरीब आदमी की झोपड़ी में बसती है। इस प्रकार ‘मन की बात’ का उद्देश्य सभी भारतीयों के दिलो-दिमाग तक जगह बनाना रहा है।

    भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और शासन में लोगों की भागीदारी से देश सही मायने में जनतंत्रवादी बनता है। पिछले कई वर्षों से, ‘मन की बात’ कार्यक्रम लोगों के द्वारा शासन में भाग लेने और भारत के प्रधानमंत्री को उनके विचारों, सुझावों और उपलब्धियों पर संज्ञान लेने का माध्यम बन गया है।

    हम वास्तव में भाग्यशाली हैं कि हमें एक ऐसे प्रधानमंत्री मिले है, जो कई माध्यमों से आम आदमी से जुड़ना अपनी प्राथमिकता मानते है।

    प्रधान मंत्री जी के प्रयास से अभी तक 47.8 करोड़ जनधन खाते खोले गये है। मुझे नहीं लगता कि कोई भी देश इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ सकता है।

    चीन को पछाड़कर भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बनकर उभरा है।

    इस जनसांख्यिकीय परिवर्तन को जनसांख्यिकीय लाभांश में बदलने के लिए, माननीय प्रधान मंत्री ने स्किलिंग, रीस्किलिंग और अपस्किलिंग पर जोर दिया है।

    दुनिया के कई देश जो उम्रदराज़ हो रहे हैं, कुशल जनशक्ति की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारत की ओर देख रहे हैं। भारत का समय यहाँ और अभी है।

    ‘मन की बात’ में विभिन्न विषयों पर प्रकाश डाला गया है, जो देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। यह श्रोताओं को सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों से परिचित कराता है।

    प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के एपिसोड में देश भर के कई और अविश्वसनीय लोगों का जिक्र किया है। हमारे लिये गर्व की बात है कि इस सूची में बड़ी संख्या में महाराष्ट्र के लोग भी शामिल हैं।

    पालघर, चंद्रपुर और नासिक के जनजातीय क्षेत्रों से लेकर अमरीका जैसे दूर-दराज देशों तक लोगों को ‘मन की बात’ से प्रसिद्धि मिली है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम में विभिन्न व्यवसायों और जीवन के क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया है।

    आज मुझे महाराष्ट्र के उन लोगों को यहां राजभवन में अन्य गणमान्य लोगों के साथ आमंत्रित करने में बेहद खुशी हो रही है, जिनका उल्लेख प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के अलग-अलग एपिसोड में किया था।

    मैं इससे बेहतर जनसमूह की उम्मीद नहीं कर सकता था, हम सब यहां पर एक साथ बैठे और कार्यक्रम के 100वें एपिसोड को सुना। वास्तव में आप सभी ने ही इस कार्यक्रम को यहां तक पहुंचाना संभव बनाया है।

    प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में एक तथ्य को बार-बार दोहराया है कि ‘मन की बात’ का उद्देश्य सकारात्मक कहानियों को उजागर करना और नागरिकों को उनकी दास्तान सुनाकर प्रेरित करना है। वे सभी लोग जिनका इस कार्यक्रम में कहीं भी उल्लेख किया गया है, उन्होंने वास्तव में इस जन आंदोलन सफल बनाने में सहायता प्रदान की है।

    जैसा कि हम सभी आज एक सौ एपिसोड पूरे करने का उत्सव मना रहे हैं, मुझे यकीन है कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम को अभी और भी कई मील के पत्थर पार करने हैं। मैं महाराष्ट्र के अधिक से अधिक लोगों से इस महत्वपूर्ण आंदोलन का हिस्सा बनने का आग्रह करता हूं।

    माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ कई क्रांतियों की शुरुआत की है।

    ‘मन की बात’ की 100वीं कड़ी एक तरह से India@2047 की भव्य शुरुआत है।

    आज से एक सौ तीस साल पहले शिकागो में विश्व धर्म संसद को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद ने भारत के प्रति दुनिया की धारणा बदल दी थी।

    भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से, एक और नरेंद्र ने, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने, दुनिया की नज़र में भारत की धारणा को बदल दिया है।

    आज हम भारतीय होने पर गर्व महसूस करते हैं। एक बार फिर मैं पूरे महाराष्ट्र राज्य को बधाई देता हूं और मन की बात के 100 एपिसोड पूरे करने की उपलब्धि हासिल करने पर मन की बात के सूत्रधार को नमन करता हूं।

    देश में हो रही महान क्रांति का हिस्सा बनने के लिए मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूं।

    आज के कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रसार भारती, पत्र सूचना कार्यालय, दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो और अन्य के कई अधिकारी पर्दे के पीछे से काम कर रहे थे। मैं उनकी सराहना करता हूं और आपकी निरंतर सफलता की कामना करता हूं।

    कल महाराष्ट्र स्थापना दिवस है | इस अवसर पर भी मै आपको शुभकामनाएं देता हूं।

    धन्यवाद।
    जय हिन्द। जय महाराष्ट्र |