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    17.10.2023 : बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया समिट 2023 का उद्घाटन

    Publish Date: October 17, 2023

    बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया समिट 2023 का उद्घाटन। मंगलवार 17 अक्टूबर 2023

    आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी,

    श्री सर्बानंद सोनोवाल, बंदरगाह, जहाजरानी, जलमार्ग और आयुष मंत्री, भारत सरकार

    श्री एकनाथ शिंदे, माननीय मुख्यमंत्री

    डॉ. प्रमोद सावंत, माननीय मुख्यमंत्री, गोवा राज्य

    श्री शुभ्रकांत पांडा, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

    श्री टी. के. रामचंद्रन, सचिव, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार

    श्री राजीव जलोटा, अध्यक्ष, मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण

    फिक्की और इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन के सहयोग से बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया समिट’ में आप सभी का महाराष्ट्र तथा मुंबई में, मै हार्दिक स्वागत करता हूं।

    भारत के समुद्री अमृतकाल में यह समिट मुंबई में आयोजित करने के लिए मै आयोजकों को, और विशेष रूप से, सम्मानित मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल जी को हार्दिक धन्यवाद और बधाई देता हूं।

    यह जानकर खुशी हो रही है कि वैश्विक और क्षेत्रीय साझेदारी बढ़ाने के लिये; और भारतीय समुद्री अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए इस ‘ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया समिट’ का आयोजन किया गया है।

    समुद्री क्षेत्र न केवल हमारे राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए, बहुत महत्वपूर्ण है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी बनाने में समुद्री अर्थव्यवस्था का अहम योगदान है।

    इस शिखर सम्मेलन में, हम प्रोफेशनल्स, उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं के साथ एक ऐसा रोडमैप तैयार करने के लिए काम कर रहे हैं, जो हमारे समुद्री उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

    यह शिखर सम्मेलन सहयोग, नवाचार और विचारों के आदान-प्रदान का एक स्थान है, जहां साझेदारी बनाई जाएगी, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया जाएगा, और समुद्री उद्योग की पूरी क्षमता को अनलॉक करने के अवसरों की खोज की जाएगी।

    भारत की समुद्री विरासत, हमारी सभ्यता जितनी ही, समृद्ध और प्राचीन है। महान हड़प्पा सभ्यता के समय से, हमारे पूर्वज खुले समुद्र में यात्रा करते थे, दूर-दराज के देशों से जुड़ते थे, वस्तुओं, ज्ञान और संस्कृतियों का आदान-प्रदान करते थे।

    महाराष्ट्र की समुद्री विरासत, सदियों से, समुद्री गतिविधियों के विकास में, प्रेरक शक्ति रही है।

    हिंद महासागर के भीतर इसकी विशाल तटरेखा और स्ट्रॅटेजिक पोजिशन ने इसे अपने बंदरगाहों, समुद्री शिपिंग मार्गों और समुद्री विरासत के साथ एक समुद्री केंद्र बनने में सक्षम बनाया है।

    आज, प्रौद्योगिकी हमारे रहने और काम करने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है।

    इसलिए यह आवश्यक है कि समुद्री क्षेत्र नवाचार और आधुनिकीकरण को अपनाए।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स और मशीन लर्निंग और सस्टेनेबल प्रथाओं, जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों के उपयोग के माध्यम से, हम अपने समुद्री संचालन में दक्षता, सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता में सुधार कर सकते हैं।

    जैसे-जैसे हम आर्थिक वृद्धि और विकास कर रहे हैं, यह आवश्यक है कि हमारी समुद्री गतिविधियाँ पर्यावरण की दृष्टि से सस्टेनेबल हों और हमारे समुद्रों और पारिस्थितिक तंत्रों के नाजुक संतुलन का बैलंस करें।

    हमारी समुद्री क्षमता का सबसे उल्लेखनीय पहलू बडे पैमाने पर रोजगार पैदा करने की इसकी क्षमता है। समुद्री क्षेत्र केवल जहाजों और बंदरगाहों के बारे में नहीं है; यह आजीविका और अवसरों के बारे में है। हमारे कर्मियों को भविष्य के समुद्री क्षेत्र के लिए कौशल अधिग्रहण और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

    हमें समुद्री प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करने वाले अपने शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत करने की आवश्यकता है। हमें अपने युवाओं के बीच समुद्री क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के बारे में जागरूकता पैदा करने की भी जरूरत है।

    शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान में निवेश करने से हमारे युवा इस आवश्यक क्षेत्र में सार्थक योगदान दे सकेंगे और महाराष्ट्र को विश्व प्रसिद्ध समुद्री गंतव्य के रूप में स्थापित कर सकेंगे।

    आज जब हम समुद्री प्रयासों के माध्यम से आर्थिक समृद्धि के लिए प्रयास कर रहे हैं, यह आवश्यक है की विभिन्न देशों में शांति का वातावरण बना रहे।

    हमारे बंदरगाह, राष्ट्रों के बीच, शांति और समझ के लिए भी, प्रवेश द्वार होने चाहिए। एक दूसरे से जुड़ी दुनिया में, हमें खुले समुद्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

    इस अपेक्षा के साथ मैं, उपस्थित सभी हितधारकों – सरकारों, उद्योग, शिक्षा जगत, नागरिक समाज को, हमारे समुद्री व्यापार क्षेत्र को विश्व में उंचे स्तर पर ले जाने के लिए मिलकर काम करने के लिए आमंत्रित करता हूं।

    आप सभी को सफल और सार्थक समिट के लिये हार्दिक शुभकामना देता हूं।

    धन्यवाद।
    जय हिंद। जय महाराष्ट्र।।